बलिया जिले में तेज़ी से पकड़ रहा गलसुआ (Mumps) छोटे बच्चों में दिख रहे लक्षण
बलिय जिले के सिकंदरपुर, बिल्थरा रोड़, रसड़ा, नगरा आदि जगहों में सबसे तेजी से फैल रहा है। गलसुआ या मम्पस छोटे बच्चो को इस वायरल इंफेक्शन से जूझना पड़ रहा है। मौसम के तेज़ी से बदलाव भी इसका एक महत्वपूर्ण कारण है। बलिया जिले में और आस पास के नगर पंचायत में तेज़ी से फैल रहे बीमारी का ईलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भीड़ दिख रही है। हालांकि अस्पताल में दवा भी उपलब्ध है। हल्की बुखार और हल्की दर्द से बच्चे परेशान नजर आए
गलसुआ क्या होता है।आइए विस्तार से बताते है ?
गलसुआ या मम्पस एक प्रकार का वायरल इन्फेक्शन होता है जो मुख्य रूप से लार ग्रंथियों को प्रभावित करता है, इन ग्रंथियों को पैरोटिड ग्रंथियां भी कहा जाता है। ये ग्रंथियां लार बनाती हैं। लार ग्रंथियों के तीन समूह होते हैं जो मुंह के तीनों तरफ होते हैं जो कानों के पीछे और नीचे स्थित होते हैं।
गलसुआ के सबसे मुख्य लक्षण लार ग्रंथियों में सूजन होती है गलसुआ के लक्षण शुरू होने के बाद ये 14 से 18 दिनों तक रहते हैं। रोग की अवधि लगभग सात से दस दिन तक की होती है। गलसुआ में आमतौर पर एक या दोनों तरफ की ग्रंथियों (गाल व जबड़े वाले क्षेत्र) में दर्द, सूजन और टेंडरनेस (छूने पर दर्द होना) आदि शामिल होते हैं।
गलसुआ की रोकथाम में एमएमआर टीकाकरण आदि शामिल हैं। गलसुआ के लिए कोई विशिष्ट उपचार उपलब्ध नहीं है। लार ग्रंथियों में टेंडरनेस और सूजन आदि की समस्या को कम करने के लिए उन्हें गर्म व ठंडी चीजों से सेकना मददगार हो सकता है। दर्द को शांत करने के लिए कुछ पेनकिलर (दर्दनिवारक) दवाएँ भी ली जा सकती हैं। गकसुआ के साथ कुछ गंभीर जटिलताएँ भी जुड़ी होती हैं जैसे मेनिनजाइटिस, इन्सेफेलाइटिस, बहरापन और जननांगों में सूजन, लालिमा व जलन आदि।
गलसुआ में कौन से लक्षण विकसित होने लगते हैं ?
गलसुआ के लक्षण मरीज के संक्रमित होने के बाद आमतौर पर 2 से 3 हफ्तों के बीच दिखाई देते हैं। गलसुआ के वायरस से संक्रमित कुछ लोगों में या तो कोई भी लक्षण महसूस नहीं हो पाता या फिर बहुत ही हल्के लक्षण पैदा होते हैं। जब संकेत और लक्षण विकसित होते हैं, तो वे आमतौर पर वायरस के संपर्क के लगभग दो से तीन हफ्तों के बाद प्रकट होते हैं और लक्षणों में निम्न शामिल हो सकते हैं:
चबाने और निगलने में कठिनाईचे हरे के एक तरफ या दोनों तरफ की लार ग्रंथियों में सूजन
बुखार
थकान और कमजोरी
भूख न लगना
सिरदर्द
मांसपेशियों में दर्द
गलसुआ में सबसे मुख्य लक्षण लार ग्रंथियों में सूजन ही होता है जिसके कारण गाल फूलने लगते हैं।
गलसुआ से जुड़े अन्य लक्षण हैं:
1 निगलने में कठिनाई
2 बुखार (103 डिग्री फॉरेनहाइट से ऊपर)
3 मुंह सूखना
4 जोड़ों में दर्द
वयस्कों को गलसुआ बहुत ही कम मामलों में होता है। इस मामले में लक्षण आमतौर पर समान ही होते हैं। लेकिन कभी-कभी लक्षण थोड़े बदतर हो जाते हैं और उनमें गलसुआ से और अधिक कई जटिलताएं विकसित होने की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं।
डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
अगर आपके बच्चे में निम्न लक्षण महसूस हो रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
गंभीर सिरदर्द उलझन, जैसे लक्षण बुखार गर्दन में अकड़न आदि
यदि आपको गलसुआ का संदेह हो रहा है तो जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाएं ताकि स्थिति का परीक्षण किया जा सके। जब गलसुआ की समस्या आमतौर पर अधिक गंभीर नहीं होती, तो इस स्थिति में अधिक गंभीर संक्रमण के समान लक्ष
ण महसूस होते हैं जैसे टॉन्सिलाइटिस।

