ऐसे 5 अनोखे जानवर जिन्हें देखना तो दूर कभी नाम भी नहीं सुना होगा, आखिरी वाले को देख बोलोगे 'Incredible India'

ऐसे 5 अनोखे जानवर जिन्हें देखना तो दूर कभी नाम भी नहीं सुना होगा, आखिरी वाले को देख बोलोगे 'Incredible India'

भारत में कई ऐसे दुर्लभ और अनोखे जीव पाए जाते हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। ये जीव बताते हैं कि हमारे देश की प्रकृति कितनी अलग है।

भारत के अनोखे जीव

भारत की धरती सिर्फ खूबसूरत नज़ारों से ही नहीं बल्कि अनगिनत अनोखे जीवों से भी भरी हुई है। कई बार हम सोचते हैं कि हमें अपनी देश की प्रकृति के बारे में सब पता है, लेकिन सच यह है कि यहां ऐसे जीव भी रहते हैं जिनके बारे में हम कभी सुनते तक नहीं। पहाड़ों की बर्फ से लेकर गहरे जंगलों की नमी तक, हर कोने में कोई न कोई अनदेखा चमत्कार छिपा हुआ है।

इन्हीं चमत्कारों में शामिल हैं कुछ दुर्लभ और बेहद खास जानवर, जो अपनी अलग आदतों, रंगों और जीवनशैली से हमें हैरान कर देते हैं। कुछ जमीन के नीचे रहते हैं, कुछ पेड़ों के बीच उड़ते हैं, और कुछ अपने तरीके से प्रकृति को संतुलित रखते हैं। ऐसे जीव न सिर्फ हमारी जैव विविधता का हिस्सा हैं, बल्कि हमें यह भी याद दिलाते हैं कि प्रकृति कितनी अद्भुत और खास है। यहां ऐसे 5 जानवरों के बारे में बताया गया है जिनके बारे में बहुत से लोग नहीं जानते।

  

निकोबार मेगापोड

निकोबार में पाया जाने वाला यह पक्षी बहुत अनोखे तरीके से अंडे सेने का काम करता है। यह सड़ी-गली चीजों का बड़ा ढेर बनाता है और उसी में अंडे रख देता है। इन ढेरों में गलन से पैदा होने वाली गर्मी अंडों को सेने में मदद करती है। इसका यह व्यवहार आइलैंड की अनोखी पक्षी दुनिया और वहां की प्रकृति की खासियत को दिखाता है।

अनोखे ढंग से अंडे सेने वाला पक्षी

 



कश्मीरी स्टैग

हंगुल के नाम से जाना जाने वाला यह हिरण कश्मीर घाटी का दुर्लभ और एनडेंजर्ड जीव है। कभी इसकी संख्या हजारों में थी, लेकिन शिकार, जंगलों की कमी और घरेलू जानवरों से कॉम्पिटिशन के कारण इसकी आबादी बहुत घट गई। प्रोजेक्ट हंगुल जैसे प्रयास इस सुंदर हिरण को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। हंगुल का कन्जर्वेशन, बायो डायवर्सिटी और जंगलों के संतुलन के लिए बहुत जरूरी है।

 



नामदफा फ्लाइंग स्क्विरल

यह उड़ने वाली गिलहरी अरुणाचल प्रदेश के नामदाफा नेशनल पार्क में पाई जाती है। यह ऊंचे पेड़ों के बीच फिसलकर एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर पहुंचती है और इसी से शिकारी जानवरों से भी बचती है। यह शर्मीला जीव नोर्थ-ईस्ट भारत के घने जंगलों की प्रकृति का एक सुंदर उदाहरण है।

उड़ने वाली गिलहरी



हिमालयी भेड़िया

हिमालयी भेड़िया दुनिया के सबसे अलग जेनेटीकली भेड़ियों में से एक है। यह कठोर ठंड और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में रहने के लिए खास रूप से तैयार रहता है। इसकी प्राचीन वंश रेखा हमें यह दिखाती है कि एक ही प्रजाति में कितनी विविधता होती है। ऐसे खास जीवों को बचाना जरूरी है ताकि ऊंचाई वाले नाज़ुक इलाकों की प्रकृति सुरक्षित रह सके।

ठंडे इलाकों में रहने वाला भेड़िया



इंडियन पर्पल फ्रॉग

यह बैंगनी मेंढक पश्चिमी घाट का रहने वाला है और अपना ज्यादातर जीवन जमीन के नीचे बिताता है। यह सिर्फ बारिश के मौसम में प्रजनन के लिए बाहर आता है। इसके गोल शरीर और छोटे पैर इसे मिट्टी में खोदने के लिए बिल्कुल उपयुक्त बनाते हैं। यह जंगल की जमीन के नीचे छिपे अद्भुत जीवों में से एक है और ऐसे जीव हमें इन जटिल प्राकृतिक जगहों को बचाने की जरूरत का एहसास कराते हैं।