भारत आ रहे 5 जहाज होर्मुज के पास लंगर डाल खड़े हुए, 1.7 लाख MT LPG लदा है, ईरान ने दो दिन पहले दी थी अनुमति

खाड़ी संकट के बीच 1.7 लाख मीट्रिक टन एलपीजी लेकर भारत आ रहे पांच भारतीय टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य के पास इकट्ठे लंगर डाल खड़े हैं। ईरान ने भारत समेत पांच देशों को होर्मुज से जाने की दी है अनुमति।

भारत आ रहे 5 जहाज होर्मुज के पास लंगर डाल खड़े हुए, 1.7 लाख MT LPG लदा है, ईरान ने दो दिन पहले दी थी अनुमति

नई दिल्ली: ईरान ने गुरुवार (26 मार्च, 2026) को एलान किया था कि उसने भारत समेत पांच मित्र राष्ट्रों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का फैसला किया है। अब ऐसी जानकारी है कि होर्मुज स्ट्रेट के ठीक दक्षिण-पश्चिम इलाके में पांच भारतीय एलपीजी टैंकर एक-एक कर लंगर डालकर खड़े हैं।

भारतीय झंडे वाले ये पांचों एलपीजी टैंकर दुबई और रास अल खैमाह के उत्तरी क्षेत्र में मौजूद हैं। यह जानकारी शिप ट्रैक वेबसाइट के हवाले से सामने आई है।

होर्मुज से निकलने से पहले इकट्ठे हो रहे जहाज!

भारत आ रहे पांचों जहाजों पर 1.7 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा एलपीजी लदा है। रिपोर्ट के अनुसार ऐसा लग रहा है कि होर्मुज से सुरक्षित निकलने से पहले ये भारतीय टैंकर इकट्ठे हो रहे हैं।



ईरान की घोषणा वाले दिन ही जहाजों ने डाले लंगर

ईरान ने गुरुवार को कहा था कि वह भारत, रूस, चीन, जापान और पाकिस्तान के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने देगा।  लेकिन, उसी दिन ये जहाज होर्मुज के नजदीक इस तरह से कतारों में खड़े होते नजर आए। ईरान ने सिर्फ दुश्मन राष्ट्रों (अमेरिका, इजरायल और इनके सहयोगी देशों) के लिए पाबंदी की बात कही है।



ईरान ने होर्मुज से तीन जहाज लौटाए भी

  • शुक्रवार (27 मार्च, 2026) को ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश कर रहे तीन जहाजों को लौट दिया।
  • उसने कहा कि यह रास्ता उसके 'दुश्मनों' के बंदरगाहों से आने और जाने वाले जहाजों के लिए बंद है।

आज सुबह अमेरिका के भ्रष्ट राष्ट्रपति के इस झूठे दावे के कि होर्मुज स्ट्रेट खुला है, भिन्न राष्ट्रों के तीन कंटेनर जहाजों को आईआरजीसी नेवी की चेतावनी के बाद वापस भेज दिया गया।

ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड



कुल 26 जहाजों को होर्मुज से जाने दिया

  • हाल में ईरान की मंजूरी से कुल 26 जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से जाने दिया गया है।
  • इन जहाजों को ईरान ने अपने लारक आइलैंड से जाने का रास्ता दिया, जो उसके तट के बिल्कुल सटा है।
  • शिपिंग जर्नल लॉयड्स लिस्ट इसे 'Tehran Tool Booth कह रहा है।
  • लारक आइलैंड के रास्ते निकले जहाजों में ज्यादातर ग्रीस और चीन के जहाज हैं। बाकी यहीं से होकर कुछ भारतीय, सीरियाई और पाकिस्तानी जहाज भी निकले हैं।
  • ईरान ने यह तरीका तब अपनाया जब कुछ जहाज 'डार्क ट्रांजिट' का इस्तेमाल करके उसे चकमा देकर होर्मुज से निकल आए।
  • लारक आइलैंड के पास से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड उन्हें अपनी आंखों से देख सकते हैं, जिससे जहाजों के नाम और पहचान की पुष्टि करना उनके लिए आसान हो जाता है। (एएफपी के इनपुट के साथ)