'सनातन धर्म न होता तो मां-बाप को घर से बाहर निकालना पड़ता', Arjun Sarja ने स्‍टालिन को दिया करारा जवाब

तमिल फिल्‍मों के 'एक्‍शन क‍िंग' अर्जुन सरजा ने उदयनिधी स्‍टालिन को करारा जवाब दिया है। हाल‍िया र‍िलीज 'ब्‍लास्‍ट' के प्रमोशन के दौरान उन्‍होंने बिना नाम लिए स्‍टाल‍िन पर निशाना साधा है और उनके सनातन धर्म विरोधी बयान पर दो टूक टिप्‍पणी की। अर्जुन ने कहा कि सनातन धर्म को न तो नकारा जा सकता है और ना ही म‍िटाया जा सकता है।

'सनातन धर्म न होता तो मां-बाप को घर से बाहर निकालना पड़ता', Arjun Sarja ने स्‍टालिन को दिया करारा जवाब

साउथ सिनेमा के मशहूर एक्टर अर्जुन सरजा ने सनातन धर्म को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्‍होंने बिना नाम लिए तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन पर निशाना साधा है, जिन्‍होंने बीते दिनों एक बार फिर सदन में सनातन धर्म के ख‍िलाफ विवादित बयानबाजी की थी। मूल रूप से तमिल सिनेमा में काम करने वाले अर्जुन सरजा की फिल्‍म 'ब्‍लास्‍ट' गुरुवार को रिलीज हुई है। इसी की प्रेस मीट में उन्‍होंने दो टूक शब्‍दों में कहा कि सनातन सिर्फ एक धर्म नहीं, बल्‍क‍ि जीवन जीने की शैली है। 63 साल के एक्‍टर ने कहा कि सनातन धर्म हमें नैतिक जीवन की सीख देता है और यह माता-पिता को भगवान की तरह मानना सिखाता है। उन्होंने तर्क देते हुए कहा, 'क्‍या आप अपने माता-पिता को रिजेक्‍ट कर सकते हैं? नहीं ना! इसी तरह सनातन को न तो कोई नकार सकता है और न ही इसे मिटा सकता है।' अब सोशल मीडिया पर अर्जुन सरजा के इस बयान की खूब चर्चा है। X और इंस्‍टाग्राम जैसे प्‍लेटफॉर्म्‍स पर उनके वीडियो क्‍ल‍िप खूब शेयर किए जा रहे हैं।

अर्जुन सरजा का यह बयान सीधे-सीधे तमिलनाडु के DMK नेता उदयनिधि स्टालिन पर निशाना है, जिन्होंने बार-बार सनातन धर्म को खत्म करने की मांग की है। द्रविड़ राजनीतिक बयानबाजी में उन्होंने सनातन धर्म को जाति-व्यवस्था जैसी सामाजिक बुराइयों का स्रोत बताया है। इसको लेकर उनकी खूब आलोचना हुई है। राजनीतिक शोर के बीच स्‍टालिन को इस कारण हाई कोर्ट का भी सामना करना पड़ा है।

 

 

सनातन एक जीवन शैली है। यह इस बारे में है कि हमें अपना जीवन कैसे जीना चाहिए। कोई गलत काम करें, दूसरों से चोरी करें। बुढ़ापे में हमें माता-पिता की देखभाल भगवान की तरह करनी चाहिए। सनातन धर्म यही कहता है।

अर्जुन सरजा, एक्‍टर



'ब्लास्ट' के प्रमोशन के दौरान अर्जुन सरजा ने स‍िखाया सनातन का पाठ

Arjun Sarja  की 'ब्लास्ट' गुरुवार 28 मई 2026 को रिलीज हुई है। यह एक तमिल भाषा में बनी मार्शल आर्ट्स फ‍िल्म है, जिसे सुभाष के. राज ने डायरेक्‍ट किया है। फ‍िल्म में अर्जुन के साथ अभिरामी और प्रीति मुकुंदन भी हैं, जो वायरल हो रहे वीडियो में भी नजर आ रही हैं। इसी फिल्‍म के प्रमोशन के दौरान मीडिया से बात करते हुए अर्जुन सरजा ने कहा, 'सनातन एक जीवन शैली (लाइफस्‍टाइल) है। यह इस बारे में है कि हमें अपना जीवन कैसे जीना चाहिए। कोई गलत काम न करें, दूसरों से चोरी न करें और न ही दूसरों की चीजों की इच्छा रखें। जब बच्चे छोटे होते हैं, तो वे अपने माता-पिता को बहुत सुंदर नजर से देखते हैं। इसलिए बुढ़ापे में हमें उनकी देखभाल भगवान की तरह करनी चाहिए। सनातन धर्म यही कहता है।'



 

अगर सनातन धर्म होता तो हमें अपने माता-पिता को घर से बाहर निकालना पड़ता। इसलिए अगर हर कोई यह समझ जाए... मैं यह बात अपनी समझ के अनुसार कह रहा हूं। अगर हर कोई इसे समझ ले, तो सब कुछ ठीक हो जाएगा। सनातन को तो कोई नकार सकता है और ही इसे मिटा सकता है।

अर्जुन सरजा, एक्‍टर


अर्जुन सरजा ने आगे कहा, 'अगर सनातन धर्म न होता तो हमें अपने माता-पिता को घर से बाहर निकालना पड़ता। सनातन कोई धर्म नहीं है। यह जीवन जीने का एक तरीका है। इसलिए अगर हर कोई यह समझ जाए... मैं यह बात अपनी समझ के अनुसार कह रहा हूं। अगर हर कोई इसे समझ ले, तो सब कुछ ठीक हो जाएगा। क्‍या आप अपने माता-पिता को रिजेक्‍ट कर सकते हैं? नहीं ना! इसी तरह सनातन को न तो कोई नकार सकता है और न ही इसे मिटा सकता है।'

कौन हैं अर्जुन सरजा

अर्जुन सरजा का असली नाम श्रीनिवास सरजा है। वह 15 अगस्त 1962 को मैसूर में पैदा हुए हैं। उन्‍हें तमिल और तेलुगु सिनेमा में 'अर्जुन' और कन्नड़ सिनेमा में 'अर्जुन सरजा' के नाम से जाना जाता है। उनके पिता शक्‍त‍ि प्रसाद मशहूर कन्‍नड़ एक्‍टर हैं। अर्जुन सरजा मुख्य रूप से तमिल फ‍िल्मों में काम करते हैं। हालांकि, वह इसके अलावा कन्नड़, तेलुगू मलयालम और कुछ हिंदी फ‍िल्मों में भी काम कर चुके हैं। अर्जुन सरजा एक्शन स्‍टार हैं और फैंस उन्‍हें 'एक्शन किंग' भी कहते हैं।


अर्जुन सरजा की फिल्‍में

अर्जुन सरजा ने अपने करियर में 160 से अध‍िक फिल्‍मों में काम किया है। इसके अलावा उन्‍होंने 12 फिल्मों का डायरेक्‍शन भी किया है। वह प्रोड्यूसर और डिस्‍ट्रीब्‍यूटर भी हैं। अर्जुन को साल 1993 में एस. शंकर की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'जेंटलमैन' से पॉपुलैरिटी मिली। इसके लिए उन्‍हें 'बेस्‍ट एक्‍टर' का तमिलनाडु राज्य फ‍िल्म पुरस्कार मिला। उन्होंने 'जय हिंद' (1994), 'कर्णा' (1995), और 'कुरुधिपुनल' (1995) जैसी हिट फिल्‍में दी हैं। उनकी 'कुरुधिपुनल' को 68वें ऑस्‍कर अवॉर्ड में 'बेस्‍ट फॉरेन लैंग्‍वेज फिल्‍म' कैटेगरी के लिए भारत की ओर से भेजा गया था। अर्जुन सरजा की कुछ सबसे बेहतरीन फिल्‍मों में 'रिदम' (2000), 'मनकथा' (2011), 'प्रसाद' (2012), और 'इरुम्बु थिराई' (2018) शामिल हैं। साल 2023 में रिलीज थलपति विजय की 'लियो' (2023) में अर्जुन ने विलेन का रोल कर सुर्ख‍ियां बटोरी थीं।

सनातन धर्म सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ है और इसका सिर्फ विरोध करने के बजाय इसे खत्म कर देना चाहिए। यह डेंगू, मलेरिया और COVID-19 जैसी बीमारियों जैसा है।

उदयनिधी स्‍टाल‍िन, तमिलनाडु विधानसभा में व‍िपक्ष के नेता



स्टालिन ने सबसे पहले 2023 में दिया सनातन धर्म विरोधी बयान

तमिलनाडु के तत्‍कालीन उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सितंबर 2023 में पहली बार सनातन धर्म विरोधी बयान दिया था। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ है और इसका सिर्फ विरोध करने के बजाय इसे 'खत्म' कर देना चाहिए। उन्होंने विवादित रूप से इसकी तुलना डेंगू, मलेरिया और COVID-19 जैसी बीमारियों से की। हाल ही जब थलपति विजय ने तमिलनाडु में मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली, तब उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर अपने पहले भाषण में फिर से सनातन धर्म के खिलाफ बयान दिया। इस कारण एक बार फिर से इसको लेकर विवाद शुरू हो गया। हिंदू संगठनों और भारतीय जनता पार्टी ने नए सिरे से विरोध प्रदर्शन किया

राजनीतिक विरोध, FIR और कानूनी लड़ाई

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने स्‍टालिन की इन टिप्पणियों की कड़ी निंदा की और उन पर हिंदुओं के खिलाफ नरसंहार का आह्वान करने का आरोप लगाया। हालांकि, DMK अपने नेता के साथ खड़ी रही, जबकि कांग्रेस और 'INDIA' गठबंधन के कई नेताओं ने या तो इन टिप्पणियों से खुद को अलग कर लिया या फिर सावधानी भरे शब्दों में अपना समर्थन दिया। विवादित बयान के कारण कई राज्यों में पुलिस में ढेरों शिकायतें और FIR दर्ज की गईं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उदयनिधि स्‍टालिन को राहत देते हुए निर्देश दिया कि उसकी अनुमति के बिना उनके खिलाफ कोई नई FIR दर्ज न की जाए। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग करने वाली याचिकाओं को भी खारिज कर दिया।

मद्रास हाई कोर्ट ने माना 'हेट स्‍पीच'

हालांकि, इस बीच मद्रास हाई कोर्ट ने उदयनिधी स्‍टालिन की टिप्पणी पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि सनातन धर्म का पालन करने वालों को खत्म करने का आह्वान करना नरसंहार या 'धार्मिक नरसंहार' के समान है। उनकी टिप्पणियों को 'हेट स्पीच' (द्वेषपूर्ण भाषण) की श्रेणी में रखा गया।