मानसून में होगी देरी, किसानों की बढ़ेंगी मुश्किलें; IMD की नई भविष्यवाणी ने बढ़ाई टेंशन

अगर आप मानसून का इंतजार कर रहे हैं तो यह आपके लिए बुरी खबर है। दरअसल, मौसम विभाग ने अपनी भविष्यवाणी में मानसून के इंतजार को और आगे बढ़ा दिया है जो कि किसानों की खेती के लिहाज से सही नहीं है। इस बार मानसून में बारिश सामान्य से कम होगी। आईएमडी का नया अपडेट सामने आ गया है।

मानसून में होगी देरी, किसानों की बढ़ेंगी मुश्किलें; IMD की नई भविष्यवाणी ने बढ़ाई टेंशन

नई दिल्ली: मौसम विभाग ने मानसून को लेकर नया अपडेट दिया है जो कि किसानों के लिए बुरी खबर है। मौसम विभाग के मुताबिक इस बार मानसून में अब 90 परसेंट ही बारिश होंगी। पहले 92 परसेंट का पूर्वनुमान किया था। कोर जोन में सामान्य से कम बारिश होंगी, यह खेती वाले राज्य हैं। जून में 92 परसेंट बारिश होंगी, पहले सामान्य बारिश होनी थी, अल नीनो के जल्दी आने से मानसून बिगड़ गया है। उत्तर पश्चिम और उत्तर पूर्व के कुछ इलाकों में मानसून सामान्य या अधिक रहेगा। जून में सामान्य से कम बारिश होगी।


पूर्वोत्तर भारत में सामान्य बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत में इस मानसून में सामान्य वर्षा होने की संभावना है, जबकि देश के बाकी हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने ये आकलन दक्षिण-पश्चिम मानसून के अपने दूसरे पूर्वानुमान में किए हैं। इससे पहले 13 अप्रैल को जारी अपने पहले पूर्वानुमान में मौसम विभाग ने कहा था कि इस मानसून में भारत में दीर्घकालिक औसत की 92 प्रतिशत बारिश होने की संभावना है।

 




किस राज्य में कब आएगा मानसून

  • दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड- 25 से 30 जून
  • पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी राजस्थान-30 जून से 5 जुलाई के बीच
  • जम्मू-कश्मीर और शेष उत्तर भारत-5 से 15 जुलाई के बीच
  • केरल, लक्षद्वीप- 3 जून से 5 जून के बीच
  • तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश-5 से 10 जून के बीच
  • महाराष्ट्र (मुंबई सहित)- 10 जून तक
  • तेलंगाना, ओडिशा-10 से 12 जून के बीच
  • छत्तीसगढ़, दक्षिण गुजरात, मध्य प्रदेश-12 से 15 जून के बीच
  • बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल-12 से 15 जून के बीच
  • पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान-15 से 20 जून के बीच

इन इलाकों में जमकर होगी बारिश

जून 2026 के दौरान केवल उत्तर-पश्चिमी भारत, उत्तर-पूर्वी भारत और दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों तथा मध्य भारत के कुछ इक्का-दुक्का इलाकों को छोड़कर, जहां वर्षा सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक होने की संभावना है। इस दौरान कुछ जगहों पर बाढ़ की स्थिति भी देखी जा सकती है। लोगों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है।