मिशन संचालक म0प्र0 भोपाल एवं कलेक्टर जिला रीवा के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग व ट्राइवल विभाग के सहयोग से रीवा जिले को कृमि मुक्ति बनाये जाने हेतु अभियान चलाये जाने के निर्देश प्रदान किये गये।
डॉ0 बी0 एल0 मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 12 सितम्बर के अवसर पर शासन के निर्देशानुसार जिले में अभियान के अंतर्गत शासकीय एवं अशासकीय अनुदान प्राप्त शालाओं, आदिवासी आश्रम, मदरसों, रीवा जिले एवं मऊगंज जिले तथा शहरी क्षेत्र में अनुमानित 10 लाख 01 से 19 वर्षीय बच्चों को एवं किशोर किशोरियों को तथा 20 वर्ष से 49 वर्ष की समस्त महिलाओं को जो गर्भवती एवं धात्री नही है उन्हें भी एक गोली एलवेन्डाजाल का सेवन कराकर कृमि मुक्त किया जाएगा। ताकि मिट्टी जनित कृमि संक्रमण की रोकथाम हो सके। डॉ0 मिश्रा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के समस्त अमला सीएचओ, स्टाफ नर्स, एएनएम, आशा द्वारा एलवेन्डाजाल की टेबलेट अपने समक्ष में चबाकर खिलवाया जाना सुनिश्चित करें तथा अभियान के दौरान छूटे हुये बच्चों को 15 तारीख को माप-अप राउन्ड में दवा खिलाई जायेगी। पेट में कीडे़ होने के कारण पीडित को गंभीर समस्या उत्पन्न होती है व क ई बार आपरेशन कराना पड़ सकता है। गंभीर कृमि संक्रमण के लक्षण होने से बच्चों को दस्त, पेट में दर्द, कमजोरी, उल्टी तथा भूख न लगना, हल्के संक्रमण वाले बच्चों में आमतौर पर कोई लक्षण नही दिखते हैं। बच्चें मेे कृमि की मात्रा जितनी अधिक होगी संक्रमित ब्यक्ति के लक्षण उतने ही अधिक होगें। कृमिनाश होने से अनेक लाभ होते हैं जैसे कृमिनाशन से बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार, रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि, एनीमिया का नियंत्रण, सीखने की क्षमता और कक्षा में उपस्थिति में सुधार, वयस्क होने पर काम करने की क्षमता में वृद्धि जैसे लाभ होते है। डॉ बी एल मिश्रा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला रीवा द्वारा समस्त शासकीय व प्राइवेट स्कूली बच्चो के अभिभावक , समाज सेवी व त्रिस्तरीय जन प्रतिनिधि के सदस्य व आम जनमानस से अपील की गई है कि अमृत रूपी दवा एलबेन्डाजाल अवश्य खिलाएं व अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
(डॉ0 बी0 एल0 मिश्रा)
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
जिला रीवा (म0प्र0)

