बार काउंसिल के नवनिर्वाचित महासचिव गिरीश चंद्र शर्मा का किया गया सम्मान

उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए गिरीश चंद शर्मा ने कहा कि मैं आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं आप सभी के बीच आकर स्वयं को बहुत ही ऊर्जावान महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण ने हमेशा त्याग और बलिदान किया है। इसीलिए ब्राह्मण को वर्ण व्यवस्था में पूजनीय रखा गया था क्योंकि कोई भी व्यक्ति पूजनीय यूं ही नहीं हो जाता। इसके लिए त्याग करना पड़ता है। जब जब सनातन धर्म और राष्ट्र रक्षा की बात आई है, ब्राह्मण हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़ा दिखाई दिया है। ब्राह्मण ने सनातन धर्म के शत्रुओं के शीश काटे हैं, तो आवश्यकता पड़ने पर अपना शीश कटाने से भी पीछे नहीं रहा । ब्राह्मण कभी अत्याचार के सामने नहीं झुका है न हीं झुकेगा।

बार काउंसिल के नवनिर्वाचित महासचिव गिरीश चंद्र शर्मा का किया गया सम्मान
स्वागत सम्मान के दौरान

एटा। नगर के वली मोहम्मद चौराहे पर स्थित केंद्रीय उपभोक्ता भंडार के सभागार में एटा बार काउंसिल के नवनिर्वाचित महासचिव गिरीश चंद्र शर्मा का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए गिरीश चंद शर्मा ने कहा कि मैं आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं आप सभी के बीच आकर स्वयं को बहुत ही ऊर्जावान महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण ने हमेशा त्याग और बलिदान किया है। इसीलिए ब्राह्मण को वर्ण व्यवस्था में पूजनीय रखा गया था क्योंकि कोई भी व्यक्ति पूजनीय यूं ही नहीं हो जाता। इसके लिए त्याग करना पड़ता है। जब जब सनातन धर्म और राष्ट्र रक्षा की बात आई है, ब्राह्मण हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़ा दिखाई दिया है। ब्राह्मण ने सनातन धर्म के शत्रुओं के शीश काटे हैं, तो आवश्यकता पड़ने पर अपना शीश कटाने से भी पीछे नहीं रहा । ब्राह्मण कभी अत्याचार के सामने नहीं झुका है न हीं झुकेगा।

सभी ब्राह्मण बंधुओं को एकजुटता के साथ अपनी इस नैतिक जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा। ब्राह्मणों के ऊपर सनातन धर्म के सभी वर्गों और अंगों को साथ लेकर राष्ट्र रक्षा की भी जिम्मेदारी है। आरक्षण जातीय आधार के स्थान पर आर्थिक आधार पर हो तो समाज में सभी वर्गों के गरीब और कमजोर लोगों को समान अवसर मिल सकेंगे। वर्तमान सामाजिक एवं राजनैतिक परिदृश्य में भी सभी विप्र बंधुओं को अपनी शास्त्र विद्या, शस्त्र विद्या का जनहितकारी प्रयोग करते हुए संगठित होने की आवश्यकता है। विप्र समाज किसी भी राजनीतिक दल का पिछलग्गू ना बने बल्कि अपना गौरव स्वयं इतना बढ़ाएं कि राजनीतिक दल स्वयं उसको सम्मानजनक स्थान दें। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर अरुण राजोरिया ने किया।इस समारोह में सचिन उपाध्याय, अरुण दीक्षित ,माधव पांडे, डॉक्टर अरुण राजोरिया, प्रवेश मिश्रा, विक्रांत पचौरी ,अक्षय पचौरी, पवन चतुर्वेदी, रामकिशन तिवारी ,विवेक दुबे, सोनी वशिष्ठ, अनुराग उपाध्याय ,बालकृष्ण शर्मा, सचिन मिश्रा, अजय उपाध्याय टीटू, अतुल कुमार मिश्रा, लोकेश पचौरी, अतुल दीक्षित, मनोज पचौरी ,दिलीप पचौरी बिट्टू, गौरव दीक्षित, बृजेश मिश्रा, मनोज पांडे, भूदेव मिश्रा ,ब्रजेश उपाध्याय ,अभिषेक मिश्रा ,पूर्णाशीष तिवारी, चंदन शर्मा, गजेंद्र शर्मा, लोकेंद्र मिश्रा, शिवम शर्मा, कैलाश उपाध्याय ,गौरव मिश्रा, ऋषभ मिश्रा ,राकेश पांडे ,अनिल चतुर्वेदी, आशु शर्मा ,अरुण चतुर्वेदी, राज कुमार पाराशर ,भूदेव मिश्रा, विक्रांत पचौरी, विशाल भारद्वाज, सोनी वशिष्ट, नरेश पाराशर, प्रवीण पाठक, दीपक पचौरी ,अनूप शर्मा, सचिन मिश्रा, विवेक भारद्वाज ,प्रशांत पचौरी ,रविकांत मिश्रा ,राजीव शर्मा, विनोद दीक्षित ,अमित पचौरी, केशव पचौरी ,शशिकांत चतुर्वेदी, अर्पित उपाध्याय ,माधव पचौरी आदि ने माल्यार्पण करके सम्मानित किया। गिरीश चंद शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं समाज के लिए सदैव समर्पित रहूंगा।