‪उत्तर प्रदेश उन्नाव असोहा : जम्मू कश्मीर पुलवामा आतंकियों के हमले में मारे गए मुकेश का पार्थिव शरीर उनके गाँव भटपुरा लाया गया। ‬

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों के हमले में जान गंवाने वाले मुकेश कुमार का शव असोहा के भटपुरा लाया गया, जिसके बाद परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है।

‪उत्तर प्रदेश उन्नाव असोहा : जम्मू कश्मीर पुलवामा आतंकियों के हमले में मारे गए मुकेश का पार्थिव शरीर उनके गाँव भटपुरा लाया गया। ‬

उत्तर प्रदेश उन्नाव असोहा : जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों के हमले में जान गंवाने मुकेश का शव उनके गांव भटपुरा में पहुंचा दिया गया, मुकेश का शव गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ पड़ी। परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है, परिजनों ने रीति रिवाज के साथ मुकेश का अंतिम संस्कार किया। 

पार्थिव शरीर के आने के बाद रोते बिलखाते मुकेश के परिजन  

आतंकियों ने की थी गोली मारकर हत्या
भटपुरा गांव के रहने वाले चालीस वर्षीय मुकेश जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के तुमची नौपोरा स्थित भट्ठे पर ईंट की पखाई का कार्य करते थे। जहां सोमवार सुबह वह घर पर रुपये भेजने के लिए बैंक गए थे। कमरे पर आते समय आतंकियों ने गोली मारकर मुकेश को मौत के घाट उतार दिया था। उसके बाद साथ काम कर रहे रिश्तेदार राकेश ने परिजनों को घटना की जानकारी दी थी, जम्मू कश्मीर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। 

मंगलवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस व सेना के जवानों ने मुकेश के शव को एयरपोर्ट से प्लेन से अमौसी एयरपोर्ट भिजवाया। जहां नायब तहसीलदार आशुतोष पांडेय, कानूनगो ब्रजेश सिंह, लेखपाल जयशंकर सहित परिजन शव को लेकर एंबुलेंस से गांव आए। शव गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया, मंगलवार शाम को ही मृतक के भाई ने गांव स्थित खेत पर शव को मुखाग्नि दी। 

विधायक ने दी 50 हजार की आर्थिक सहायता 
क्षेत्रीय विधायक अनिल सिंह ने गांव पहुंच मुकेश को श्रद्धाजंलि देते हुए मुकेश की पत्नी कुसुम को ढाढ़स बंधाया। विधायक अनिल सिंह ने मृतक की पत्नी को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। इस दौरान उन्होंने तहसीलदार तरुण प्रताप सिंह को कागजात बनाकर हर संभव सरकारी मदद दिलाने की बात कही, तहसीलदार ने बताया कि कागजात बनवाकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी, उसके बाद जो संभव मदद होगी की जाएगी। 

मां को सता रही बच्चों की परवरिश की चिंता
मृतक मुकेश की आर्थिक स्थित ठीक नहीं है। आवंटन की 9 बिस्वा भूमि व परिवार में उसके हिस्से की भूमि को मिला कर कुल 16 बिस्वा भूमि है, पति की मौत को लेकर पत्नी कुसम रो रोकर बदहवास है, उनका कहना है कि अब इन बच्चों को कैसे पालूंगी।