उत्तर प्रदेश लखनऊ: बदायूँ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को पेशी का समन भेजने वाले SDM और पेशकार निलंबित।

राज्यपाल को ही पेशी के लिए समन भेजने वाले एसडीएम न्यायिक और पेशकार को निलंबित कर दिया गया है। सीधे शासन की ओर से कार्रवाई से हड़कंप मचा है। बदायूं में एक जमीन को लेकर समन भेजा गया था।

उत्तर प्रदेश लखनऊ: बदायूँ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को पेशी का समन भेजने वाले SDM और पेशकार निलंबित।

उत्तर प्रदेश लखनऊ : बदायूँ जमीन अधिग्रहण के मामले में राज्यपाल को ही पेशी के लिए समन भेजने के मामले में एक्शन हो गया है। सीधे शासन ने समन भेजने वाले एसडीएम न्यायिक के साथ ही पेशकार को निलंबित कर दिया है। शासन की ओर से एसडीएम के निलंबन का आदेश बुधवार को जिला मुख्यालय पहुंचा। शासन का आदेश दिनभर प्रशासनिक हलके में चर्चा का विषय बना रहा। बदायूं सदर तहसील के एसडीएम न्यायिक कोर्ट ने विधि व्यवस्था को नजरअंदाज करते हुए सात अक्तूबर को बदायूं में लोड़ा बहेड़ी गांव के समीप बाईपास पर अधिग्रहीत की गई जमीन पर दायर किये वाद पर पीडब्ल्यूडी की जगह राज्यपाल के नाम समन जारी कर दिया था।

समन में राज्यपाल को राजस्व संहिता की धारा 144 के तहत कोर्ट में 18 अक्तूबर को पेश होने का आदेश दिया गया था। समन 10 अक्तूबर को राजभवन पहुंचा। इसके बाद राज्यपाल के विशेष सचिव ब्रदीनाथ सिंह ने 16 अक्तूबर को डीएम बदायूं को पत्र लिखकर संविधान के अनुच्छेद 361 का पूर्णतया उल्लंघन मानते हुए इस पर घोर आपत्ति जताई थी। डीएम से इस मामले में हस्तक्षेप कर विधि अनुसार पक्ष रखने व नोटिस जारी करने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा था।

इस मामले में डीएम मनोज कुमार ने एसडीएम न्यायिक को चेतावनी जारी की थी और जांच के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इसके बाद बुधवार दोपहर को शासन ने एसडीएम न्यायिक विनीत कुमार को निलंबित कर दिया। उधर, डीएम ने इसी कोर्ट के पेशकार बदन सिंह को अपने स्तर से निलंबत कर दिया है।

बदायूं के डीएम मनोज कुमार ने बताया कि राज्यपाल को समन भेजे जाने के मामले में सदर कोर्ट के एसडीएम न्यायिक विनीत कुमार के निलंबन का आदेश प्राप्त हो गया है। इसी कोर्ट के पेशकार को भी निलंबित कर दिया गया है।