उत्तर प्रदेश : ग़ाज़ियाबाद कामगार से दस्तावेज लेकर 8.45 लाख का लोन करवाकर रफ़ूचक्कर हुआ शातिर, पीड़ित के घर बैंक वालों ने रिकवरी का नोटिस लगाया।
Uttar Pradesh Ghaziabad
उत्तर प्रदेश : ग़ाज़ियाबाद योजना का लाभ दिलाने के नाम पर शातिर ने कामगार से दस्तावेज लिए और उनके आधार पर बैंक से 8.45 लाख का लोन ले लिया। बैंक से रिकवरी नोटिस आने पर कामगार को इसकी जानकारी हुई। पुलिस से शिकायत की तो जबरन पीड़ित को ही निवाड़ी रोड चौकी पर चार घंटे तक बैठाया गया।
पीड़ित ने परेशान आकर मकान पर पलायन का पोस्टर चस्पा कर दिया है। जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। कोतवाली क्षेत्र की जगतपुरी कालोनी के मुकेश कुमार कामगार हैं। उनके इकलौते बेटे की कुछ महीने पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी।
इस बीच बेगमाबाद का एक आरोपित उनके संपर्क में आया और कहा कि सड़क हादसे में मौत पर सरकारी दो लाख रुपये मुआवजा दे रही है। उसकी अधिकारियों में पहचान है। इसलिए मुकेश को भी दो लाख दिला देगा। इसके लिए आरोपित ने मुकेश से आधार, पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज ले लिए। मुकेश आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे इसलिए उन्होंने भी दस्तावेज दे दिए।
कुछ दिन बाद ही आरोपित ने उन्हें पचास हजार रुपये दिए। कहा बाकी के डेढ़ लाख कुछ महीने में मिलेंगे। अब पिछले दिनों बैंक की तरफ से मुकेश के घर रिकवरी नोटिस पहुंचा। जिस पर बैंक के लोन का बकाया लिखा था। परेशान आकर वे बैंक पहुंचे तो जानकारी हुई कि उनके नाम पर बेगमाबाद के आरोपित ने 8.45 लाख का लोन लिया हुआ है। जिसकी एक भी किस्त जमा नहीं है।
वे आरोपित के पास पहुंचे तो उसने उन्हें धमकाकर भगा दिया। कहा यदि फिर से यहां आया तो जान से मार देगा। पीड़ित ने मामले की शिकायत मोदीनगर थाने में की। लेकिन पुलिस ने आरोपित से सांठगांठ कर ली। पीड़ित मुकेश को ही जबरन चौकी पर बैठाकर धमकाया। कहीं पर भी मुकेश की सुनवाई नहीं हुई।
उधर, बैंक अधिकारियों का उन पर लोन चुकाने के लिए दबाव आ रहा है। परेशान आकर उन्होंने पलायन करने का मन बनाया। बुधवार को अपने मकान पर मकान बिकाऊ है का नोटिस चस्पा कर दिया। मामले में एसीपी मोदीनगर ज्ञान प्रकाश राय का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है। यदि आरोपित की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। किसी के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा।

