उत्तर प्रदेश इलाहाबाद: इलाहाबाद युनिवर्सिटी में लाठीचार्ज मामले में पकड़ा नया रूप, कल देशभर केंद्रीय विश्वविद्यालयों के छात्र करेंगे प्रदर्शन।
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में छात्र को प्रॉक्टर द्वारा पीटे जाने के मामले में अब देश भर के केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्र एकजुट हो गए हैं और 2 नवंबर को प्रदर्शन करेंगे।
उत्तर प्रदेश प्रयागराज: इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर द्वारा छात्रों को लाठियों से सरेआम पीटे जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के विरोध में देश की सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में 2 दो नवंबर को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। केंद्रीय विश्वविद्यालयों के साथ ही तमाम स्टेट यूनिवर्सिटी में भी छात्र संगठन दोपहर में विरोध प्रदर्शन करेंगे। विरोध का यह कार्यक्रम छात्र संगठनों द्वारा चलाए जा रहे साझा अभियान के तहत आयोजित किया जाएगा, हालांकि इस विरोध प्रदर्शन में बीजेपी का छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ABVP शामिल नहीं होगा।
विरोध प्रदर्शन के जरिए छात्रों पर लाठियां बरसाने के आरोपी हिंदी विभाग के प्रोफेसर और चीफ प्रॉक्टर राकेश सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की जाएगी। छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने बुधवार को प्रयागराज के प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया, उन्होंने बताया कि लाठी चलाने के आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ अगर सरकारी अमला ठोस कार्रवाई नहीं करता है तो वे लोग अदालत की शरण लेंगे।
चीफ प्रॉक्टर का लाठी मारते वीडियो हुआ था वायरल
बता दें कि इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में बीते 17 अक्टूबर को हिंदी विभाग के प्रोफेसर राकेश सिंह ने साथियों के निलंबन के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को सरेआम जमकर लाठियां से पीटा था। इसके बाद उन्होंने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराकर छात्रों को जेल भिजवा दिया था, छात्रों ने भी पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन उनकी शिकायत पर अभी तक केस दर्ज नहीं किया गया है। सोशल मीडिया पर प्रोफेसर राकेश सिंह की गुंडागर्दी का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे देश में कोहराम मचा था।
हालांकि आरोपी प्रोफेसर राकेश सिंह ने छात्रों पर परीक्षा बाधित करने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि हरेंद्र यादव नाम के छात्र को निलंबित होने की वजह से परीक्षा से रोका गया था, उस पर यूनिवर्सिटी के नियमों को तोड़ने छात्रों को भड़काने और तोड़फोड़ के आरोप हैं।

