इज़राइल फलस्तीन युद्ध : एक हफ़्ते में दूसरी बार अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन का इज़राइल दौरा क्या मायने रखता है।
Israel Palestine War
इज़राइल फ़िलस्तीन युद्ध : अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने सोमवार को इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से हमास के साथ बढ़ते संघर्ष पर चर्चा की।
एक सप्ताह के अंदर अमेरिका के शीर्ष अधिकारी का ये दूसरा इसराइल दौरा है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं की बैक में ब्लिंकन को ज़मीनी स्थिति के बारे में बताया गया।
इस दौरान ब्लिंकन ने हमास से सुरक्षा के लिए इसराइल को अमेरिका के समर्थन का एक बार फिर ज़िक्र किया, उन्होंने इसराइल की मदद करने की इच्छा भी ज़ाहिर की।
साथ ही संयुक्त राष्ट्र और अन्य क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर अमेरिका की तरफ़ से आम लोगों को मानवीय सहायता देने पर भी चर्चा हुई।
ये बैठक ऐसे समय में हुई है जब ग़ज़ा में मानवीय संकट सबसे बुरे दौर में पहुंच गया है, यहां पानी, खाना और दवाओं की आपूर्ति पूरी तरह रोक दी गई है।
हमास के हमले के बाद इसराइली पलटवार में अभी तक 2700 फ़लस्तीनियों की जान जा चुकी है और 9700 घायल हुए हैं।
हमास फ़लस्तीन का चरमपंथी समूह है जो साल 2007 से ग़ज़ा पट्टी पर शासन करता है, इसे अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने आतंकवादी संगठन का दर्जा दिया हुआ है।
हमास के चरमपंथियों के इसराइल में किए हमलों में 1400 से अधिक लोगों की जान गई थी, मरने वालों में कम से कम 30 अमेरिकी नागरिक थे, वहीं, 13 अमेरिकी अभी भी लापता हैं।
ऐसा माना जा रहा है कि इन लापता लोगों को हमास बंधक बनाकर ले गया है। ब्लिंकन ने इसराइल के राष्ट्रपति आइज़ैक हर्ज़ोग से इन नागरिकों की सुरक्षित रिहाई को लेकर भी चर्चा की।
बीते सप्ताह ब्लिंकन ने मिडिल ईस्ट के अन्य देश जैसे सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा से पहले भी तेल अवीव का दौरा किया था।

