उन्नाव : दुष्कर्म पीड़िता किशोरी की बच्ची की हालत बिगड़ी, लोहिया अस्पताल में चल रहा इलाज।

Safipur Unnao Uttar Pradesh

उन्नाव : दुष्कर्म पीड़िता किशोरी की बच्ची की हालत बिगड़ी, लोहिया अस्पताल में चल रहा इलाज।

उन्नाव :

सफीपुर क्षेत्र की दुष्कर्म पीड़ित 14 साल की किशोरी की नवजात बच्ची की बुधवार रात अचानक हालत बिगड़ गई। महिला पुलिस की मदद से बाल कल्याण समिति के लोग बच्ची को भर्ती कराने के लिए पूरी रात अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे। बेड खाली न होने की बात कह बच्ची को नहीं लिया गया। लखनऊ के डीपीओ की मदद से तड़के बच्ची को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सफीपुर क्षेत्र की दुष्कर्म पीड़ित 14 साल की किशोरी की नवजात बच्ची की बुधवार रात अचानक हालत बिगड़ गई। महिला पुलिस की मदद से बाल कल्याण समिति के लोग बच्ची को भर्ती कराने के लिए पूरी रात कानपुर से लखनऊ के अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे। बेड खाली न होने की बात कह बच्ची को नहीं लिया गया।

बच्ची के जन्म के बाद दुष्कर्म का लगाया आरोप
लखनऊ के डीपीओ की मदद से तड़के बच्ची को शहीद पथ स्थित लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। सफीपुर क्षेत्र के एक गांव की 14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता ने बीते शुक्रवार को सीएचसी में बच्ची को जन्म दिया था। बच्ची के जन्म के बाद मां ने पड़ोस के युवक पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था।

बाल कल्याण समिति ने बच्चे को जिला अस्पताल के एसएनसीयू व मां को महिला वार्ड में भर्ती कराया था। मां बनी किशोरी व उसके स्वजन ने नवजात को लेने से इन्कार कर दिया था। मां ने उसे दूध तक नहीं पिलाया था। आक्सीजन पर रखकर बच्ची का इलाज किया जा रहा था। तीन दिन बाद मां बनी किशोरी बच्ची को देखे बिना घर चली गई। बाल कल्याण समिति की देखरेख में इलाज चल रहा था। 

समिति के लोगों ने बताया कि बुधवार रात 11:45 बजे जिला अस्पताल से बच्ची की हालत बिगड़ने की सूचना मिली। उसे कानपुर एलएलआर रेफर कर दिया गया। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष प्रीती सिंह ने सदर कोतवाली पुलिस से एक महिला आरक्षी की मांग की। अनसुनी होने पर सीओ सिटी आशुतोष को फोन मिलाया। रात में ही सीओ ने एक महिला आरक्षी को भेजा।


लोहिया अस्पताल में बच्ची भर्ती
उसकी मदद से बाल कल्याण समिति बच्ची को लेकर एलएलआर कानपुर पहुंची। यहां बेड खाली न होने की बात कह बच्ची को भर्ती नहीं किया गया। इस पर बच्ची को लेकर लखनऊ के केजीएमयू फिर मेडिकल कालेज ले जाया गया। वहां भी बेड न होने की बात कह बच्ची को नहीं लिया गया। इस पर अध्यक्ष व न्याय पीठ प्रीति सिंह ने लखनऊ के जिला कार्यक्रम अधिकारी से मदद मांगी। इसके बाद शहीद पथ स्थित लोहिया अस्पताल में बच्ची को भर्ती कराया गया। उसकी हालत में सुधार है। बच्ची की देखरेख बाल कल्याण समिति के सदस्य सिद्धांत अवस्थी व दिव्या अवस्थी कर रहे हैं।