दिल्ली में जहरीली हुई हवा, AQI पहुंचा 400 के पार, NCR में ग्रैप-4 लागू, इन चीजों पर रहेगा बैन।

दिल्ली में जहरीली हुई हवा, AQI पहुंचा 400 के पार, NCR में ग्रैप-4 लागू, इन चीजों पर रहेगा बैन।

दिल्ली का AQI सोमवार को 400 के पार पहुंच गया, इसको देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-4 लागू कर दिया गया है। 

नई दिल्ली ~ दिल्ली में लगातार बढ़ते एयर पॉल्यूशन को देखते हुए पूरे दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-4 को लागू कर दिया गया है। दिल्ली का औसत AQI आज रात 9 बजे 399 पर पहुंच गया और रात 10 बजे 400 के पार पहुंच गया। अत्यधिक प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों और पूरी तरह शांत हवा की स्थिति के कारण दिल्ली के AQI में भारी बढ़ोतरी को देखते हुए, GRAP पर CAQM उप-समिति ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई, उप-समिति ने पूरे एनसीआर में GRAP के चरण-IV को तत्काल प्रभाव से लागू करने का फैसला लिया। 

किसकी अनुमति है और किस पर रहेगा बैन। 

– दिल्ली में ट्रकों के घुसने पर रोक. राजमार्ग, सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, बिजली ट्रांसमिशन, पाइपलाइन, दूरसंचार आदि जैसी सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध। 

– सरकार कक्षा 5 से 9 और कक्षा 11 समेत भौतिक कक्षाओं को बंद कर सकती है। 

– सरकार को सार्वजनिक, नगरपालिका और निजी कार्यालयों को 50 फीसदी क्षमता पर काम करने और बाकी को घर से काम करने की अनुमति देने पर फैसला लेना है। 

– राज्य सरकारें अतिरिक्त आपातकालीन उपायों पर विचार कर सकती हैं जैसे कॉलेज/शैक्षणिक संस्थानों को बंद करना और गैर-आपातकालीन वाणिज्यिक गतिविधियों को बंद करना, पंजीकरण संख्या के आधार पर वाहनों को चलाने की अनुमति देना आदि। 

– बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन, हृदय, मस्तिष्क संबंधी या अन्य पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को बाहरी गतिविधियों से बचना चाहिए और घर के अंदर रहना चाहिए। 

– राजमार्गों और फ्लाईओवर जैसी सार्वजनिक परियोजनाओं सहित सभी निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध। 

– पिछले महीने दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता लगातार ‘गंभीर’ और ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रही।  जिसके कारण डॉक्टरों ने स्वास्थ्य चेतावनियां जारी कीं और सुप्रीम कोर्ट में सरकार को निर्देश देने के लिए मामलों की बाढ़ आ गई। 

सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान
पिछले कई हफ्तों में जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की शीर्ष अदालत की पीठ ने वायु गुणवत्ता संकट पर कई सुनवाई की है। जिसमें खेतों में पराली जलाना से लेकर प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर अप्रभावी प्रतिबंध तक के मुद्दों पर विचार किया गया है।  कुछ मामलों में अदालत ने कानून का पालन न करने के लिए अधिकारियों की आलोचना की, उदाहरण के लिए जब GRAP-IV प्रभावी था, तो अदालत ने अधिकारियों को गैर-जरूरी निर्माण गतिविधियों की अनुमति देने की आलोचना की, जिनकी उस समय अनुमति नहीं थी।  अदालत ने दिल्ली सरकार से भी सवाल किए कि गैर-जरूरी सामान ले जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश करने से क्यों नहीं रोका गया।