पूरे भारत में SIR को लेकर नया अपडेट... चुनाव आयोग की बैठक में 5 बड़े फैसले, जिन्हें जानना है जरूरी

चुनाव आयोग पूरे देश में मतदाता सूची को बेहतर बनाने के लिए 'विशेष सघन पुनरीक्षण' (एसआईआर) शुरू करने जा रहा है। यह प्रक्रिया अगले चार-पांच दिनों में शुरू होगी और लगभग तीन महीने तक चलेगी। मुख्य ध्यान पांच राज्यों पर रहेगा जहाँ अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।

पूरे भारत में SIR को लेकर नया अपडेट... चुनाव आयोग की बैठक में 5 बड़े फैसले, जिन्हें जानना है जरूरी

एसआईआर को लेकर नया अपडेट

नई दिल्ली: पूरे भारत में मतदाता सूची का विशेष सघन पुनरीक्षण( एसआईआर) करवाने को लेकर चुनाव आयोग की बैठक से कई अहम बातें निकलकर सामने आई हैं। इस बैठक के मुताबिक पूरे भारत में एसआईआर चार-पांच दिनों के भीतर शुरू हो जाएगा और प्रत्येक चरण बिहार में संपन्न हुए पुनरीक्षण की तर्ज पर तीन महीनों में पूरा होने की संभावना है।सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रव्यापी एसआईआर दो चरणों में आयोजित किया जा सकता है, जिनमें कुछ राज्य/केंद्र शासित प्रदेश जैसे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जो जल्द ही बर्फ से ढक जाएंगे इसके चलते इन्हें प्रारंभिक चरण से बाहर रखा जाएगा।


लद्दाख-जम्मू कश्मीर पर बाद में विचार किया जा सकता है

चुनाव आयोग के एक अधिकारी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर बाद में विचार किया जा सकता है क्योंकि इन राज्यों में बमुश्किल 20%-25% मतदाताओं को ही संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार अपनी पात्रता साबित करने के लिए दस्तावेज जमा करने होंगे। तत्काल प्राथमिकता अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों वाले पांच राज्यों को दी जाएगी।

 

4 से 5 दिनों में हो सकती है घोषणा

चुनाव आयोग के सूत्रों ने संकेत दिया कि पूरे देश के स्तर पर एसआईआर ( SIR ) की समय-सीमा एक-दो दिन में तय हो जाएगी और उसके बाद चार-पांच दिनों में इसकी घोषणा कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पहचान, उम्र और नागरिकता के प्रमाण के तौर पर स्वीकार किए जाने वाले दस्तावेज़ों की सूची कमोबेश बिहार जैसी ही रहेगी, हालांकि किसी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के विशिष्ट दस्तावेज़ों पर विचार किया जा सकता है। एक अधिकारी ने कहा, किसी भी स्थिति में, 11 दस्तावेजों की सूची संपूर्ण नहीं है, बल्कि केवल सांकेतिक है।



इन राज्यों में पहले एसआईआर करवाने की तैयारी

असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले शुरू हो जाएगी। इस गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विदेशी अवैध प्रवासियों के जन्म स्थान की जांच करके उन्हें बाहर निकालना है। हालांकि, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत पूरा विपक्ष इसे सरकार की साजिश बता रहा है। विपक्ष का कहना है कि केंद्र सरकार इस एसआईआर के द्वारा वोट चोरी का प्रयास कर रही है। राहुल गांधी ने बिहार में इसके खिलाफ यात्रा भी निकाली थी।


SIR का उद्देश्य क्या है?

एसआईआर का प्रयास "यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।" बिहार में चुनाव से पहले एसआईआर करके कई अवैध मतदाताओं के नाम हटाए गए और कई वैध मतदाताओं के नाम जोड़े गए।

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