गुरु तेग बहादुर बलिदान दिवस पर कब होगी छुट्टी? जानें 24 या 25 नवंबर को बंद रहेंगे स्कूल

गुरु तेग बहादुर बलिदान दिवस पर कब होगी छुट्टी? जानें 24 या 25 नवंबर को बंद रहेंगे स्कूल

THE BHARAT NEWS

 School Closed Update: गुरु तेग बहादुर बलिदान दिवस पर राज्य के अनुसार छुट्टी की तारीख अलग-अलग हो सकती है। यहां आप देखें डिटेल्स।

Guru Tegh Bahadur Shaheedi Diwas School Holiday: हर वर्ष गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस मनाया जाता है। इस दिन कई राज्यों में स्कूल और सरकारी दफ्तर बंद रहते हैं। 2025 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने इस छुट्टी की तारीख में बदलाव किया है। आइए जानते हैं कि इस बार 24 या 25 नवंबर को स्कूल बंद रहेंगे या फिर छुट्टी किस दिन होगी।


उत्तर प्रदेश में छुट्टी की तारीख बदली

रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2025 के लिए जारी गजटेड छुट्टियों की सूची में बदलाव किया है। पहले गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस की छुट्टी 24 नवंबर 2025 को तय की गई थी, लेकिन अब इसे बदलकर 25 नवंबर 2025 (मंगलवार) कर दिया गया है। नई लिस्ट के अनुसार, यूपी के सभी सरकारी कार्यालय और स्कूल 25 नवंबर को बंद रहेंगे।

  

अन्य राज्यों में कब छुट्टी है?

पंजाब और हरियाणा में 24 नवंबर को ही शहीदी दिवस की छुट्टी होती है। लेकिन 2025 के लिए आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है। दिल्ली में स्कूल आमतौर पर राज्य सरकार की छुट्टियों का पालन करते हैं। हालांकि, 2025 के लिए अभी तक कोई आधिकारिक सर्कुलर जारी नहीं हुआ है।



क्या करें स्टूडेंट्स और पैरेंट्स?

गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस पर छुट्टी कुछ राज्यों में होती है। यह दिन 24 नवंबर 2025 को है। इस दिन स्कूलों में छुट्टी की जानकारी के लिए स्टूडेंट्स और पैरेंट्स अपने-अपने राज्यों के सरकारी नोटिस पर नजर रखें। इसके अलावा स्कूल के ऑफिशियल हाॅलिडे कैलेंडर या फिर प्रिंसिपल से कन्फर्म कर सकते हैं।



गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस क्यों मनाया जाता है?

यह दिन गुरु तेग बहादुर जी के अतुलनीय साहस और बलिदान को याद करने के लिए मनाया जाता है। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। यह घटना मुगल बादशाह औरंगजेब के शासनकाल की है। जब कश्मीरी पंडितों पर संकट आया तो वे गुरु तेग बहादुर जी के पास मदद मांगने पहुंचे। गुरु जी ने उनकी रक्षा का वचन दिया। औरंगजेब को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद गुरु तेग बहादुर जी को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें महीनों तक कैद में रखा गया और उनके साथियों को मारा गया। फिर भी उन्होंने अपने धर्म को नहीं छोड़ा। अंत में उन्होंने धर्म और रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया।