रिलायंस, टीसीएस, एचडीएफसी... विदेशी निवेशकों ने 10 बड़े शेयरों से निकाले 80,000 करोड़ रुपये
विदेशी निवेशकों ने इस साल भारतीय बाजार से काफी पैसा निकाला है। सितंबर तिमाही की बात करें तो इस दौरान उन्होंने टॉप 10 ब्लूचिप शेयरों से करीब 80,000 करोड़ रुपये निकाले हैं। सबसे ज्यादा नुकसान देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस को हुआ है।
विदेशी निवेशकों ने इस साल भारतीय बाजार से काफी पैसा निकाला है। सितंबर तिमाही की बात करें तो इस दौरान उन्होंने टॉप 10 ब्लूचिप शेयरों से करीब 80,000 करोड़ रुपये निकाले हैं। सबसे ज्यादा नुकसान देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस को हुआ है।
विदेशी निवेशकों ने इस साल भारतीय बाजार में भारी बिकवाली की है।
नई दिल्ली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारत के 10 सबसे बड़े शेयरों से करीब 80,000 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं। इन शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, टीसीएस और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े नाम शामिल हैं। पिछले एक साल से विदेशी निवेशक लगातार पैसा निकाल रहे हैं, जिसकी वजह से भारतीय शेयरों में उनकी हिस्सेदारी एक दशक से भी निचले स्तर पर आ गई है। सबसे ज्यादा नुकसान देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस को हुआ है।
प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर तिमाही में FIIs ने टीसीएस से करीब 12,911 करोड़ रुपये निकाल लिए। इससे कंपनी में उनकी हिस्सेदारी 11.5% से घटकर 10.3% हो गई। इस दौरान उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज से 10,042 करोड़ रुपये निकाले। इससे कंपनी में विदेशी हिस्सेदारी 19.2% से गिरकर 18.7% रह गई। इसी तरह Eternal (जोमैटो) से 9,854 करोड़ रुपये का पैसा बाहर गया और विदेशी हिस्सेदारी 42.3% से घटकर 39% हो गई।
किन शेयरों में की खरीदारी
इस दौरान विदेशी निवेशकों ने ICICI बैंक में करीब 9,375 करोड़ रुपये की बिकवाली की। इसमें FIIs की हिस्सेदारी 46.8% से घटकर 45.6% हो गई। इस लिस्ट में एचसीएल टेक, कोटक महिंद्रा बैंक, इन्फोसिस, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी और टाइटन जैसे शेयर भी शामिल हैं। शेयरों की कीमतों में भी यह गिरावट साफ दिखी। विदेशी पैसा निकलने के कारण तिमाही के दौरान टीसीएस के शेयर 16.6% गिरे, एचसीएल टेक 19.9% लुढ़का, ट्रेंट 24.8% टूटा और इन्फोसिस 10% नीचे आ गया।
हालांकि, कुछ कंपनियां ऐसी भी रहीं जिनमें विदेशी निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। इनमें यस बैंक, मारुति सुजुकी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, वारी एनर्जी और एडब्ल्यू एग्री बिजनेस में FIIs ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। इस दौरान उन्होंने यस बैंक में 12,548 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया। सेक्टरवाइज बात करें तो FIIs ने कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी शेयरों में अपना निवेश बढ़ाया है। वहीं, उन्होंने फाइनेंशियल सर्विसेज (बैंकिंग, बीमा आदि) से सबसे ज्यादा पैसा निकाला है।

